हशिये से उठकर,
आम आदमी
सियासतदारों की जुबां पर आगया,
आम आदमी का जुमला
सडक से उटकर
पार्लियामेंट पर छा गया!
जिसदिन आम आदमी
हाशिये से उठकर
मुख्यधारा से जुडजायेगा,
उसदिन ये देश
लोकतन्त्र की कसौटी पर खरा उतर जायेगा.
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